गौ संवर्धन पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस संपन्न

गौ संवर्धन पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस संपन्न
भारद्वाज फाउंडेशन एवं क्रेडेन्ट टीवी प्राइम टाइम के संयुक्त तत्वाधान में गौ संवर्धन के हितार्थ और गौ अर्थव्यवस्था से भारतीय प्राचीन ज्ञान को किस प्रकार पुनर्जीवित किया जाए, इस विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ व्याख्यान माला यानी राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य रूप से गौमाया के फाउंडर डॉ‌सीताराम गुप्ता के साथ ही राजस्थान सरकार के गोपालन विभाग के पूर्व निदेशक डॉ लाल सिंह संयुक्त राष्ट्र जुड़े डिजिटल डिप्लोमेट एवं स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर डॉ डीपी शर्मा तथा नीलांचल धाम योग फॉर्म अमेरिका से श्री प्रभुपाद राधा रमन दास जी जो कि गौ सेवा के फाउंडर भी है ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। इस बारे में बताते हुए भारद्वाज फाउंडेशन के संस्थापक डॉ पी एम भारद्वाज जो कि राष्ट्रीय मोटिवेशनल एवं मैनेजमेंट गुरु के नाम से भी प्रसिद्ध हैं ने बताया कि इस व्याख्यान माला का मुख्य उद्देश्य जन जन तक गौ माता के महत्व को पहुंचाना रहा है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार हम गौ माता के गव्यों को हर व्यक्ति की आवश्यकता बना सकते हैं इसलिए इस बात पर काम किए जाने की जरूरत है। इसमें गोपालन विभाग के पूर्व निदेशक डॉ लाल सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में गौ महाकुंभ के रूप में एक ऐसा आयोजन किया जा रहा है जिसमें पूरे भारत से गाय के गव्यों पर कार्य करने वाले लोग एक मंच पर जुटेंगे और गौ संवर्धन को एक नई दिशा प्रदान करेंगे। आगे गौमाया के फाउंडर डॉ सीताराम गुप्ता ने बताया कि वे देसी गाय के गोबर में पराली का संयोजन कर बनाई गई गोमय समिधा से निशुल्क अंतिम संस्कार का प्रकल्प चला रहे हैं जिससे पूरे भारत में अंतिम संस्कार से उत्पन्न होने वाली 90 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को नेट जीरो पर लाया जा सकेगा । आगे संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़े डिजिटल डिप्लोमेट डॉ डीपी शर्मा ने बताया कि अब हमें आवश्यकता है कू गाय के कार्य को अधिकृत तरीके से पहचान दिलाई जाए । डॉ शर्मा ने बताया कि गाय के उत्पादों और गाय के महत्व को इकोनामी से जोड़ने के लिए अनुसंधान करने की जरूरत है और इसके लिए भारत को अनुसंधान के साथ अपना स्वयं का जर्नल शुरू करना चाहिए ताकि इससे संबंधित रिसर्च उसमें प्रकाशित हो सकें। उन्होंने कहा कि बिना वैज्ञानिक प्रमाणों के हम गाय के देवीय महत्व वाले उत्पादों को भौतिक संसार में संस्थापित नहीं कर सकते। इसके लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। नीलांचल धाम के संस्थापक राधा रमन दास जी ने बताया कि बहुत जल्द अमेरिका में गाय के प्रति लोगों में जागरूकता लाने का कार्य प्रारंभ करेंगे। उन्होंने रिसर्च और ज्ञान परंपरा के प्रसार एवं प्रचार के लिए हर समय हर संभव मदद देने का वादा किया।
अंत में प्रख्यात मोटिवेशनल गुरु डॉ पीएम भारद्वाज ने “गौ सेवा को गौ अर्थशास्त्र” से जोड़कर एक नवीन रोडमैप बनाकर उसको प्रधानमंत्री तक पहुंचाने और आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।

0
Show Comments (0) Hide Comments (0)
Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts: