नई दिल्ली / जयपुर — भारतीय शैक्षणिक जगत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि में, प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक और डिजिटल डिप्लोमेसी विशेषज्ञ डॉ. डी.पी. शर्मा को यूनेस्को (UNESCO) की ‘विज्ञान और नवाचार’ (Science and Innovations) पर आधारित एक उच्च स्तरीय रिपोर्ट के लिए “विज्ञान एवं तकनीकी नवाचार में सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच डिजिटल डिवाइड” विषय पर मुख्य लेखक (Lead Author) नियुक्त किया गया है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक जिम्मेदारी के तहत वे वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचारों के तुलनात्मक परिदृश्य पर विस्तृत अध्ययन का नेतृत्व करेंगे, जिसमें सरकारी और निजी क्षेत्रों के तकनीकी ढांचों, उपकरणों, समन्वय और चुनौतियों का विश्लेषण शामिल होगा।
मुख्य लेखक के रूप में डॉ. शर्मा विभिन्न प्रशासनिक ढांचों में नवाचार की प्रकृति, विशेषकर विकासशील देशों में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और निजी स्टार्टअप्स के बीच डिजिटल परिवर्तन के तालमेल का गहन अध्ययन करेंगे। यह रिपोर्ट ‘सतत विकास लक्ष्यों’ (SDGs) की प्राप्ति हेतु विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (STI) के प्रभावी उपयोग के लिए स्पष्ट रोडमैप प्रदान करेगी तथा ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत करेगी। उल्लेखनीय है कि यूनेस्को प्रत्येक पाँच वर्ष में इस प्रकार की वैश्विक रिपोर्ट प्रकाशित करता है।
डॉ. शर्मा के नाम 28 अंतरराष्ट्रीय पुस्तकें, 6 पेटेंट और 206 से अधिक शोध पत्र दर्ज हैं, तथा उन्हें 68 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वे वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) से जुड़े डिजिटल डिप्लोमेसी विशेषज्ञ हैं और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अनुसंधान सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। साथ ही वे स्वच्छ भारत मिशन के राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर भी हैं, जिसके लिए उन्हें भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा नामित किया गया था। यूनेस्को द्वारा उनकी यह नियुक्ति न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत के लिए भी गौरव का विषय है।
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